मैंने इस संस्था को क्यों बनाया ?

करीब 10 हजार विद्यार्थियों से मिलने और उसपर रिसर्च करने के बाद हमें पता चला की उन्हें बहुत गंदे तरीके से पढाया गया है लगभग 40% बच्चे ऐसे मिले जिन्हें अपने सब्जेक्ट के बारे में भी पता नही था . दसवीं क्लास के बच्चे पाचवीं क्लास के किताबों के प्रश्नों के जबाब नही दे पा रहे थे . यहाँ तक की उन्हें इंग्लिश अल्फाबेट्स का उच्चारण भी पता नही था .

जब मैंने इसका वजह पता किया तो पता चला की इनलोगों को वैसे लोगों ने पढाया है जो ख़राब शिक्षा के वजह से ही बेरोजगार थे . उन्होंने जब जीवन में कुछ नही कर पाया तो वैसे ही पढ़ना शुरू किया जैसे पढ़ के वे खुद बेरोजगार हो गये थे .

हमारे देश के हर हिस्से में कोचिंग संचालक भरे परे हैं जिनमे से 90% को पढ़ाना ही नही आता है और ना हीं उसे पढ़ाने में कोई रूचि है . वे सिर्फ इस लिए पढ़ा रहे हैं क्योकि उससे उसका रोजी-रोटी आसानी से चल पा रहा है .

मैंने सोचा कि इसे रोका तो नही जा सकता है लेकिन इसे उचित ट्रेनिंग और व्यवस्था देकर बदला जा सकता है . इसी लिए मैंने MYF बनाया जो हर छोटे कोचिंग संचालक को पढ़ाने का ट्रेनिंग तथा उचित व्यवस्था प्रदान करती है, जो बड़े बड़े शिक्षकों के साथ बैठक करके विद्दार्थियों के वेहतर भविष्य के लिए रणनीति बनती है, जो हर अभिभावक तथा बच्चे को उनके पढाई तथा कैरियर से सम्बंधित समस्याओं का समाधान देती है तथा अभिभावकों को चिंता से मुक्त करती है . हमारी संस्था से शिक्षक अभिभावक तथा विद्दार्थी तीनो जुड़ सकते हैं क्योंकि हम इन तीनो के लिए ही काम करते हैं

इससे क्या फर्क परेगा ?

हर साल घटिया कोचिंग के कारण लाखों बच्चों का जीवन बर्वाद हो रहा है; उसमे कमी आएगी . बच्चे उम्र, क्लास और कैरियर के अनुसार सही ढंग से पढाई कर सकेंगे . अच्छे वातावरण और MYF टीम के देख-रेख में हर बच्चा अपने उच्चतम गुणवत्ता को हासिल कर सकेंगे . अनपढ़ गार्जियन और साधारण शिक्षक के वजह से जिंदगियां बर्वाद होने से बचेगी . अभिभावक ठगी और आर्थिक नुक्सान से बचेंगे . अच्छे शिक्षक को विद्दार्थी मिल सकेगा . गरीब बच्चे भी पढ़ सकेंगे . अभिभावक शिक्षक और विद्दार्थी एक प्लेटफार्म पर आ सकेंगे और एक दुसरे का सहयोग ले सकेंगे . शिक्षा सस्ती हो जाएगी .

I sincerely welcome to the MYF Education.

Mr. Mantu Kumar

Director